सेल्फी नहीं, ‘सेल्फ रिफलेक्शन’ की जरूरत है हमें

यह सेल्फ़ी कल्चर का दौर है। ऐसे में कुछ नया सोचना जरूरी है।

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सियासत और ज़िंदगीः किसी गाँव को लायब्रेरी देने की बात क्यों नहीं होती?

इतने बड़े देश में पुस्तकालय का मुद्दा कोई पार्टी नहीं उठाती। कोई यह नहीं कहता कि देश में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देंगे। स्कूल जाने के लिए साइकिल दे रहे हैं, लेकिन केवल साइकिल, स्कूल की ड्रेस और स्कूल की किताबें देना पर्याप्त नहीं है, इन छात्र-छात्राओं को किताबों की दुनिया से भी रूबरू कराना जरूरी है ताकि वे खुले मन से दुनिया को जानने-समझने का प्रयास कर सकें।

बचपन तो नहीं छीन रहा..शिक्षा का अधिकार क़ानून

नीतियों का निर्माण करने वाले और उसे लागू करने वाले अपनी डफली, अपना राग वाले फार्मूले पर चल रहे हैं....और बच्चे रोज़ाना एक नई मुसीबत का सामना कर रहे हैं।

अभी तो फर्ज़ी डिग्री और फ़ोटो खिंचाने का मौसम है…

अपने देश में फर्ज़ी डिग्री धारकों का व्यक्तित्व तो बड़ा धारदार है। लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में का करने वालों का व्यक्तित्व भी धारदार होना चाहिए?

कैसे सीखें सोचना?

सवालों की दुनिया बड़ी सुंदर होती है और सबसे नन्हे सवाल सबसे प्यारे होते हैं। तो बताइए इस सवाल का क्या जवाब होगा?

जॉन कीट्स की कविताओं से झांकती ज़िंदगी

जॉन कीट्स आधुनिक मनुष्य की कल्पना को आकार देने वाले विचारों को अपनी कविताओं में अभिव्यक्ति देते हैं। उनका एक कथन है, "प्रेम मेरा धर्म है, मैं इसके लिए जान दे सकता हूँ।"

उत्तर प्रदेशः क्या बदलेगी प्राथमिक स्कूलों की स्थिति?

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के हालात जानने (मैपिंग) की तैयारियां हो रही हैं. ताकि स्कूलों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके. इससे पता चलता है कि राज्य सरकार भविष्य में शिक्षा के अधिकार कानून को लागू करने की तैयारियां कर रही हैं. इस संदर्भ में हर राज्य को एक समय-सीमा दी गई … Continue reading उत्तर प्रदेशः क्या बदलेगी प्राथमिक स्कूलों की स्थिति?

जीवन के स्कूल में…

जब हम शिक्षा के बारे में सोचते और बात करते हैं तो हमारे मन में स्कूल की तस्वीर जरूर बनती है. इसका एक प्रमुख कारण  यह है कि शिक्षा और स्कूल के बीच का संबंध हमारे मन में बहुत लंबी सामाजीकरण की प्रक्रिया के कारण स्थापित हो गया है. जिससे हम चाह कर भी पीछा … Continue reading जीवन के स्कूल में…

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          VIRJESH SINGH     Mail virjeshsingh@gmail.com Industry Communications or Media Occupation पत्रकारिता Location नई दिल्ली, India Introduction एक ऐसा इंसान जो अपने आसपास की दुनिया को देखकर हैरान होता है. ज़िंदगी की किताब के पन्नों को तफ्शील से पढ़ता है. अपने विचारों को लोगों के साथ साझा करता है. उनको सुनता … Continue reading संपर्क